LIVE UPDATE
झमाझम खबरेंदेशप्रदेशराजनीतीरायपुर

स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता_से फैल रहा फर्जी इलाज तंत्र, बना मौत का कारण, बिना मान्यता खुले हैं कई मेडिकल और क्लीनिक__

स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता_से फैल रहा फर्जी इलाज तंत्र, बना मौत का कारण, बिना मान्यता खुले हैं कई मेडिकल और क्लीनिक__

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही- जिले के बिशेषरा गांव में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से एक 13 वर्षीय बच्ची की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। मृतका का नाम खुश्बू वाकरे बताया गया है, जो गांव की ही शाला में सातवीं कक्षा की छात्रा थी।

ये खबर भी पढ़ें…
आवास सूची देने से कतरा रही नगर पंचायत मरवाही? CMO और कंप्यूटर ऑपरेटर के जवाब ने बढ़ाए सवाल..!
आवास सूची देने से कतरा रही नगर पंचायत मरवाही? CMO और कंप्यूटर ऑपरेटर के जवाब ने बढ़ाए सवाल..!
September 28, 2026
आवास सूची देने से कतरा रही नगर पंचायत मरवाही? CMO और कंप्यूटर ऑपरेटर के जवाब ने बढ़ाए सवाल मरवाही। नगर...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जानकारी के अनुसार, खुश्बू को बीते दिन रात में लगातार दस्त की समस्या हुई थी। परिजनों ने पहले घर पर उपचार किया, लेकिन जब तबियत अधिक बिगड़ने लगी, तो उन्होंने गांव के पास रहने वाले झोलाछाप डॉक्टर भगवानदास (निवासी पिपलामार) से इलाज करवाया।

ये खबर भी पढ़ें…
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

मृतका की मां ने बताया कि, “बिटिया की तबियत बहुत खराब थी, इसलिए हम उसे भगवानदास के पास ले गए। पहले भी हम उसी से इलाज कराते थे और ठीक हो जाते थे, लेकिन आज पता नहीं ऐसा क्या हुआ कि इलाज के दौरान ही बिटिया की हालत और बिगड़ गई और फिर उसकी मौत हो गई।”

परिजनों ने बताया कि बच्ची को सुबह डॉक्टर के पास ले जाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी स्थिति गंभीर होती चली गई। जब हालत बहुत खराब हो गई, तो डॉक्टर ने उसे कहीं और ले जाने की सलाह दी। इसी बीच खुशबू की हालत और बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

ये खबर भी पढ़ें…
September 28, 2026
उल्लास महापरीक्षा में 5518 नवसाक्षरों ने दिखाया उत्साह 270 परीक्षा केंद्रों में हुआ बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान का मूल्यांकन,...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

डिहाइड्रेशन बना जानलेवा,डॉक्टरों की प्रारंभिक जांच में संभावना जताई जा रही है कि बच्ची को डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के कारण मौत हुई है। बताया जा रहा है कि अगर समय पर सही चिकित्सा मिल जाती, तो उसकी जान बच सकती थी।

ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग,इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे बिशेषरा गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि भगवानदास लंबे समय से गांव और आसपास के इलाकों में बिना डिग्री के इलाज का काम कर रहा है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

 

Back to top button
error: Content is protected !!